मुख्य मंत्री के आने पर उनका यहां के पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। माने उन्हें जैकेट,टोपी और दांव पहनाये गए।
इसके बाद सिंग्पो tribe ने ट्रेडिशनल स्वागत गीत गाया । और इसके बाद जैसा की हमेशा होता है मुख्य अतिथि और वहां मौजूद कुछ अन्य मंत्रियों ने भाषण दिए ।
इसके बाद कलेंडर और सोविनियर का विमोचन किया गया।
पहले मुख्य मंत्री ने गुबारे हवा मे उडाये ।
और फिर स्टेज पर रखे हुए इस gong को मुख्य मंत्री ने बजा कर फेस्टिवल का उदघाटन किया।
gong के बजते ही चांगलांग मे रहने वाली विभिन्न tribes ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा मे कल्चरल मार्च पास्ट शुरू किया मतलब हर tribe ने अपने ट्रेडिशनल डांस प्रस्तुत किये ।
जिसमे सबसे अच्छी बात ये लगी कि ना केवल यहां रहने वाली मुख्य tribe जैसे
शिन्ग्पो,तिखाक,युबिन,मुख्लोम,तंग्सा,तागिन,अपतानी,निशि,पंगवा,ने मार्च पास्ट किया
अपितु बंगाली,आदिवासी ,आसामी,गोरखा वगैरा ने भी इस मार्च पास्ट मे हिस्सा लिया।
इसके अलावा आसाम राइफल्स के बैंड ने और स्कूली बच्चों के बैंड ने भी बहुत ही अच्छा और मनोरंजक प्रोग्राम पेश किया।
इन कार्यक्रमों के दौरान ही लोकल स्नेक्स भी सर्व किये गए जिसमे चावल से बनी चीजे थी जैसे राईस रोल (इसे बम्बू मे डाल कर आग मे पकाया जाता है ),पीठा ,(इसे पत्ते मे लपेट कर बनाया जाता है)लड्डू (गुड और चावल से बना हुआ था ) और कुछ अन्य खाने की चीजें थी ।
और इनके साथ राईस बीयर भी सर्व किया गया ।
तकरीबन ढाई घंटे चले इस कार्यक्रम के बाद वहीँ पर लंच का भी इंतजाम था जिसमे लोकल खाने के साथ-साथ शाकाहारी खाना भी था जिसका हमने खूब लुत्फ़ उठाया। :)
लंच के तुरंत बाद से ही कार्यक्रम शुरू हो गए थे जैसे डांस वगैरा पर हम लोग गेस्ट हाउस वापिस अ गए क्यूंकि carrey को भी तो लंच करना था ना। :)
सुंदर चित्रमय झांकी के लिए आभार
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