अरुणाचल प्रदेश राज्य बनने से पहले Union Territory था । और इससे पहले ये नेफा (NEFA)north eastern frontier agency के नाम से जाना जाता था और आसाम के कण्ट्रोल मे था पर 2० जनवरी १९७२ मे इंदिरा गाँधी ने जीरो मे ही नेफा को अरुणाचल प्रदेश नाम से union territory के रूप मे शामिल किया था । और २० फरवरी १९८७ मे राजीव गाँधी द्वारा
अरुणाचल प्रदेश की सीमा जहाँ २ तरफ से चीन ,एक तरफ से मयनमार ,आसाम और नागालैंड को छूती है । अरुणाचल मे कुल मिलकर १६ जिले -- जैसे तवांग,वेस्ट कमांग,ईस्ट कमांग,वेस्ट सीअंग,ईस्ट सीअंग,अप्पर सीअंग,अप्पर सुबानसिरी,लोअर सुबानसिरी,पापुम पारे,कुरुंग कुमे,लोहित,अन्जो ,चांगलांग,तिरप,दिबंग वैली और लोअर दिबंग वैली है ।
तकरीबन २२ मुख्य tribes जैसे
अदिस (Adis),इदु मिश्मी (Idu मिश्मी),मेम्बा Memba,सिंग्फोस (Singphos),खावा (Khawa),अहास (Ahas),खाम्प्टीस ( Khamptis),वान्चो (wancho),गालो (Galo),बोरी बोकर( Bori बोकर),अपातानी (Apatanis),तंगास (Tangas),तागिन (Tagin),दिगारू मिश्मी ( Digaru Mishmi,)नोकते,(Nocte),मोनपा (Monpas),खाम्बा (Khamba),मिजी( मिजी),ज़करिंग( Zhakrings),शेर्दुकपन (Sherdukpen),और निशि (Nyishi). और बहुत सारी sub tribes है।
यहां पर monastery बहुत है।और सबसे पुरानी तवांग monastery है। और साथ ही साथ यहां पर २ नेशनल पार्क और 8 वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरीहै जहाँ विभिन्न प्रकार के वन्य जीव देखे जा सकते है।
आम तौर पर ईटानगर का मौसम काफी अच्छा रहता है पर कभी -कभी देखते ही देखते बादल छा जाते है कोहरा इतना घना हो जाता है की थोड़ी दूर तक ही दिखाई देता है । वैसे आजकल गर्मी पड़ रही है। और एक बात यहां पर भी २ घंटे का समय आगे -पीछे है। शाम ५ साढ़े ५ बजे अँधेरा हो जाता है और सुबह जल्दी हो जाती है। और इसलिए ईटानगर मे शाम साढ़े ७ बजे के बाद ना केवल दुकाने बल्कि होटल वगैरा भी बंद हो जाते है । और ८ बजे तो बस सन्नाटा सा छा जाता है। :( :)
जानकारी के लिए शुक्रिया...
ReplyDeleteबढ़िया जानकारी..अरुणाचल गये थे, बहुत अच्छा लगा था.
ReplyDeleteआप को नव विक्रम सम्वत्सर-२०६७ और चैत्र नवरात्रि के शुभ अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ .....
अरुणाचल मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य लिए हुए है,
ReplyDeleteमैने यहां की यात्रा की है-कुछ मित्र भी है वहां।
जो मुझे बाद मे दिल्ली मे भी मिलते रहे है।
अच्छी पोस्ट-
जानकारी देने के लिए शु्क्रिया।
अरुणाचल के बारे में इतना कुछ?
ReplyDeleteबाकी पोस्ट भी अभी पढता हूं।